Computer Generations क्या है?

Computer एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनफार्मेशन या डाटा को संशोधित करने का कार्य करती है! इसके अलावा डाटा को Store, Retrive करने का कार्य कंप्यूटर बड़ी आसानी से कर लेता है! यह hardware और software, दोनो से मिलकर बनता है! आइये जानते है hardware, software और Computer Generations के बारे में!

Hardware & Software

Hardware, कंप्यूटर के वह भाग होते है जिन्हें हाथों से स्पर्श किया जा सकता है! जैसे- कीबोर्ड, माउस, मोनीटर! इसके अलावा अंदरूनी पार्ट्स भी hardware कहलाते हैं जैसे- SMPS, Motherboard, fan आदि!

जबकि software को स्पर्श कर पाना नामुमकिन है! Software, एक प्रकार का program होता है जिसमे अंतर्गत instructions (Set of Instructions) का संग्रह होता है, जैसे- एमएस ऑफिस, वीडियो प्लेयर, ब्राउज़र आदि!

Hardware भी दो प्रकार के होते है-

1. Input Devices : Input Devices वह होते है जिनके जरिये user (human), कंप्यूटर को command या instructions देता है ! जैसे – कीबोर्ड, माउस आदि!

2. Output Devices : Output Devices वह होते है जिनके जरिये कंप्यूटर, user को information देता है ! जैसे- मॉनिटर, प्रिन्टर आदि!

Computer Functionality

User, input devices की मदद से कंप्यूटर को information देता है! फिर कंप्यूटर इस डाटा या Information को user के अनुरूप तैयार या process करता है ! अंत में कंप्यूटर इस Information को user को Output Devices की मदद से दे देता है !

Computer Generation (कंप्यूटर की पीढ़ियां)

Computer इतिहास 16वीं सदी से माना गया है! Chinese Game, Abacus को कुछ लोग Computer का प्रथम चरण मानते है परन्तु Modern Computer की शुरुआत 1940 के दशक से मानी जाती है! Computer का विकास एक सतत प्रक्रिया रही जिसे Computer Generations के जरिये आसानी से समझ सकते है!

पहली पीढ़ी (1940-56) :

Computer Generation का पहला चरण 1940-56 के बीच माना जाता है! इस पीढ़ी के computers में Vaccume Tubes का उपयोग किया जाता था! इनमे input देने के लिए punch card का उपयोग होता था! ये machine language पर आधारित थे! इनका आकार लगभग एक बड़े कमरे जितना होने के कारण से ये ज्यादा सुविधाजनक नही थे! Vaccume Tube का इस्तेमाल होने के कारण प्रोसेस बहुत धीरे होती थी! साथ ही साथ इसमे बिजली की खपत भी ज्यादा होती थी जिस कारण यह किफ़ायती नही थे! उदाहरण- ENIAC, UNIVAC आदि!

दूसरी पीढ़ी (1956-63) :

1956 से 1963 के बीच समय को हम computer की दूसरी पीढ़ी मानते है! इस पीढ़ी के computers में Vaccume Tubes की जगह Transistor ने ले ली! ये computer आकार में पहली पीढ़ी के अपेक्षाकृत छोटे थे, साथ-साथ ये तेजी से भी काम करते थे! ये energy efficient भी थे! इसमे high level programming का उपयोग किया जाता था! जैसे- FORTRON, COBOL

तीसरी पीढ़ी (1964-71) :

Third generation के computers, Integrated Circuit (IC) का इस्तेमाल कर बनाये जाते थे! ये आकार में पूर्व पीढ़ी से अपेक्षाकृत छोटे होते गए! इसलिए ये power भी कम लेते थे और heat भी कम generate करते थे! ये ज्यादा तेजी से processing करते थे ! इन सब कारण से इनकी maintenance cost भी कम आती थी!

चौथी पीढ़ी (1971- today) :

computer की चौथी पीढ़ी 1971 से अभी तक चल रही है! इस पीढ़ी के computers में पहली बार microprocessor का उपयोग किया गया! इस कारण इनकी efficiency बढ़ गयी! इनका आकार बहुत छोटा हो गया! इन्हें commercial use के लिए पहली बार market में लाया गया! वर्तमान में जो computers काम मे लिए जाते है, वे भी इसी श्रेणी के अंतर्गत आते है!

पाँचवी पीढ़ी (for future भविष्य):

Computer Generations की इस पीढ़ी के computers में Artificial Intelligency का प्रयोग किया गया है! इसके अंतर्गत ऐसे computer का निर्माण चल रहा है जिनमे खुद के सोचने समझने की क्षमता हो, तथा वे स्वयं निर्णय ले सके! जिससे human mind जैसी कार्य क्षमता उत्पन्न हो! इसके अलावा nanotechnolog, parallal processing भी विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है! इन सब से मानव जाति को एक नया अध्याय मिलेगा जिसका उपयोग medical field, real state development और भी कई fields में किया जा सकेगा!

मैं प्रमीत शर्मा हूं। मुझे आपकी सभी पसंदीदा हस्तियों के बारे में लेख लिखना अच्छा लगता है! कृपया मुझसे संपर्क करें यदि आप कुछ सुझाव देना चाहते हैं या सिर्फ नमस्ते कहना चाहते हैं!

Leave a Comment