Single Use Plastics क्या है?

हाल ही में भारत सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के तहत Single Use Plastics पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया! इसके क्रय-विक्रय, संग्रह, आयात, अवैध उत्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है! केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने August 2021 में निर्देश जारी कर 1 July 2022 से Single Use Plastics पर यह प्रतिबंध लगाया है!

Single-Use Plastics का अर्थ

Plastic से बनी वे चीजे जिन्हें केवल एक बार उपयोग किया जा सकता है, Single Use Plastics की श्रेणी में आती है! उसके बाद या तो उसे फेंक दिया जाता है अथवा recycle किया जाता है! परंतु अधिकतर use करने के बाद उसे फेंक देते है! जैसे आइसक्रीम खाने के बाद उसकी लकड़ी (stick) को फेंक दिया जाता है!

केंद्र सरकार ने प्लास्टिक से बने चम्मच, स्ट्रॉ (straw), झंडे, थेर्मोकोल(thermocol), मिठाई व चॉकलेट डिब्बो में प्रयोग की गई पन्नियां समेत कुल 19 चीजों पर प्रतिबंध लगाया है! इसके अलावा वे प्लास्टिक पॉलीथिन जो 100 microns से कम है उन्हें प्रतिबंधित किया गया है! पानी तथा कोल्ड्रिंक्स की बोतलों को इस प्रतिबंध श्रेणी से बाहर रखा हैं!

प्रतिबंध का कारण

Single Use Plastics, साधारण प्लास्टिक की तुलना में ज्यादा प्रदूषण करता हैं! क्योंकि साधारण प्लास्टिक recycle हो जाता है मतलब उसे फिर से उपयोग किया जा सकता है! बहुत से recycle entity रहती है, जो waste प्लास्टिक को एकत्रित कर उन्हें recycle कर देती है!

दूसरी तरफ Single Use Plastics सिर्फ एक बार उपयोग में आते है! उसके बाद उन्हें फेंक दिया जाता है! इनकी recycling में भी काफी लागत लगती है, जिससे recycle entity इन प्लास्टिक में कोई दिलचस्पी नही दिखाती!

ये प्लास्टिक भूमि हो या जल, सभी को प्रभावित करते है! कचरे को जलाने पर उसमे उपस्थित ये प्लास्टिक भी जल जाता है जिससे वायु प्रदूषण होता है! प्लास्टिक लंबे समय तक पर्यावरण में रहता है और सड़ता नहीं है, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है ! इसके अलावा यहाँ वहाँ पड़ी plastics को बेजुबान जानवर खा लेते है जिससे उनकी मृत्यु भी हो जाती है !

भारत में प्लास्टिक का उपयोग

प्लास्टिक के कारण होने वाला प्रदूषण, विश्व के लिये एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है! हर साल कई लाख टन प्लास्टिक का उत्पादन हो रहा है, जो कि पर्यावरण में अपघटित नही हो पाता!

इसीलिए विश्व के अधिकांश देश Single Use Plastics या Disposable Plastics के उपयोग के लिए कठोर नियम ला रहे है! Disposable Plastics का लगभग 7% ही recycle हो पाता है! बाकी का इधर उधर पर्यावरण में बना रहता है!

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार चीन, Disposable Plastics का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, उसके बाद अमेरिका और भारत आता है! चीन इसका लगभग 25 मिलियन टन, अमेरिका 17 मिलियन टन और भारत लगभग 5.5 मिलियन टन हर साल उत्पादन करता है!

भारत इसपर प्रतिबंध लगा चुका है, परंतु इसमे प्लास्टिक उत्पादक कंपनियां भी नुकसान में चली गयी है! प्रतिबंध किस तरह लागू किया जाना चाहिए या उत्पादक कम्पनियों के लिए क्या किया जा सकता है, जिससे उनका नुकसान ना हो या न्यूनतम हो! यह अभी भी चर्चा का विषय है!

मैं प्रमीत शर्मा हूं। मुझे आपकी सभी पसंदीदा हस्तियों के बारे में लेख लिखना अच्छा लगता है! कृपया मुझसे संपर्क करें यदि आप कुछ सुझाव देना चाहते हैं या सिर्फ नमस्ते कहना चाहते हैं!

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